दंतेवाड़ा. पूर्व नक्सली गंगी ने बेटी को जन्म दिया है। यहां उन्होंने कहा कि बड़ी होकर बेटी पुलिस अफसर बनेगी और देश के संविधान के अधीन रहकर काम करेगी। एक महिला नक्सली को मां बनने का सुख नहीं मिलता। 4 साल पहले नक्सल संगठन में रहने के दौरान गंगी के गर्भ में पल रहे 4 महीने के बच्चे को नक्सलियों ने मार दिया था। गंगी पर 8 लाख की इनाम था। वह डिप्टी कमांडर थी। मगर, अब हालात बदले हैं। साल 2018 में सरेंडर कर चुकी गंगी इस समय डीआरजी पुलिस के लिए काम करती है और नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर करने में सरकार की मदद कर रही है।
सरेंडर के बाद गंगी ने एक आम जिंदगी शुरू की। अब मां बनने का सुख उसे मिला है। गंगी ने अपनी बेटी का नाम कल्याणी रखा है। गंगी ने बताया कि मैंने पहला बच्चा खोया था। दोबारा मां बनी हूं, बेटी हुई है, बहुत खुश हूं। बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ाऊंगी, उसे पुलिस या फोर्स में अफसर बनाना मेरा सपना है। उसे बचपन से ही इसी बात की शिक्षा देती रहूंगी। गंगी ने बताया कि मेरे पिछले जीवन के बारे में जानने के बाद भी पति रोशन ने मेरा साथ दिया। 2019 में दोनों ने शादी की। दोनों साथ में रहते हैं। पति ठेकेदारी का काम करते हैं। ज्यादातर नागपुर, रायपुर में रहते हैं। अब मैं अपनी जिंदगी से खुश हूं।